राधा अष्टमी भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है।

इससे पहले बता दे की अष्टमी 3 सितम्बर 12:25 से लेकर 4 सितम्बर सुबह 10:40 मिनट तक है।

चलिए जानते है राधाष्टमी व्रत की पूजा विधि के बारे में।

अन्य वर्तो की तरह, सुबह को सुध जल से नहाने के बाद व्रत रेक और पूजा को संक्लप करे।

भगवन कृष्णा और माता राधा की मूर्ति को विराजे और उनकस पूजन करे।

दोनों को पंचामृत से स्नान कराएं  और फिर नए वस्त्र पहनाये।

उनका सिंगार करे

उनको क़ुम क़ुम, फूल, फल आदि चढ़ाये।

रात को भजन और कीर्तन करे।

और फिर सुबह ब्राह्मण को दान देकर पारण करें और व्रत को पूरा करे।

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